Class 10 Maths Most Important Questions | Easy Solutions & CGBSE Exam Preparation

 

Gurukul Vidyalay
Class 10 Mathematics - Important Question
Chapter-wise Important Questions and Simple Solutions
Chapter 1 : Polynomials 2 Questions
Question 1
निम्नलिखित बहुपदों के शून्यकों का योगफल एवं गुणनफल ज्ञात कीजिए—

(i) x² + 10x + 24
SHOW ANSWER
दिया है :

बहुपद— x² + 10x + 24 की तुलना— ax² + bx + c से करें।
अतः— a = 1 b = 10 c = 24
शून्यकों का योगफल :

द्विघात बहुपद ax² + bx + c के शून्यकों का योगफल— α + β = -b/a इसलिए— α + β = -10/1 α + β = -10
शून्यकों का गुणनफल :

शून्यकों का गुणनफल— αβ = c/a इसलिए— αβ = 24/1 αβ = 24
अतः—

शून्यकों का योगफल = -10

शून्यकों का गुणनफल = 24
“उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।”
— Swami Vivekananda
🌟 Gurukul कहता है — Keep Going! मेहनत जारी रखिए।
Question 2
बहुपद—

x² − 8x + 15

का गुणनखंड ज्ञात कीजिए।
SHOW ANSWER
हमें ऐसे दो संख्याएँ ज्ञात करनी हैं जिनका—

गुणनफल = 15
और— योग = -8
15 के गुणनखंडों में— (-3) × (-5) = 15 तथा— (-3) + (-5) = -8
इसलिए मध्य पद -8x को— -3x - 5x के रूप में लिख सकते हैं।
अब— x² − 8x + 15 = x² − 3x − 5x + 15
पदों को समूहों में बाँटें— = x(x − 3) − 5(x − 3)
समान गुणनखंड (x − 3) बाहर लेने पर— = (x − 3)(x − 5)
अतः बहुपद के गुणनखंड हैं—

(x − 3)(x − 5)
“सफलता उन्हीं को मिलती है जो लगातार प्रयास करते रहते हैं।”
— Thomas Edison
Gurukul School अपने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।
Chapter 2 : Linear Equations in Two Variables 4 Questions
Question 3
एक छोटी गुफा में कुछ खरगोश और कुछ पक्षी हैं जिनके कुल 35 सिर तथा 98 पैर हैं। तब पक्षियों व खरगोशों की संख्या ज्ञात कीजिए।
SHOW ANSWER
मान लेते हैं :

पक्षियों की संख्या = x
खरगोशों की संख्या = y
प्रत्येक पक्षी के 2 पैर और प्रत्येक खरगोश के 4 पैर होते हैं।

कुल सिर = 35
इसलिए— x + y = 35
कुल पैर = 98
इसलिए— 2x + 4y = 98
पहला समीकरण— x + y = 35 इसलिए— x = 35 - y
अब इसे दूसरे समीकरण में रखें— 2x + 4y = 98

इसलिए— 2(35 - y) + 4y = 98 70 - 2y + 4y = 98 2y = 28 y = 14
अब— x + y = 35 में y = 14 रखने पर— x + 14 = 35 इसलिए— x = 21
अतः—

पक्षियों की संख्या = 21

खरगोशों की संख्या = 14
“महान सपने देखने वालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं।”
— Abdul Kalam
💪 Believe in Yourself! Gurukul School को आप पर विश्वास है।
Question 4
पाँच वर्ष पूर्व मेरी आयु मेरे पुत्र की आयु की तिगुनी थी। दस वर्ष पश्चात मेरी आयु मेरे पुत्र की आयु की दुगुनी हो जायेगी। मेरी व मेरे पुत्र की वर्तमान आयु ज्ञात कीजिए।
SHOW ANSWER
मान लेते हैं :

मेरी वर्तमान आयु = x वर्ष
पुत्र की वर्तमान आयु = y वर्ष
पहली स्थिति :

पाँच वर्ष पूर्व मेरी आयु— x - 5 वर्ष थी।

पाँच वर्ष पूर्व मेरे पुत्र की आयु— y - 5 वर्ष थी।

प्रश्न के अनुसार मेरी आयु पुत्र की आयु की तिगुनी थी। इसलिए— x - 5 = 3(y - 5)
समीकरण को सरल करें— x - 5 = 3y - 15 इसलिए— x - 3y = -10
दूसरी स्थिति :

दस वर्ष पश्चात मेरी आयु— x + 10 वर्ष होगी।

दस वर्ष पश्चात मेरे पुत्र की आयु— y + 10 वर्ष होगी।

प्रश्न के अनुसार मेरी आयु पुत्र की आयु की दुगुनी होगी। इसलिए— x + 10 = 2(y + 10)
समीकरण को सरल करें— x + 10 = 2y + 20 इसलिए— x - 2y = 10
अब हमारे पास दो समीकरण हैं— x - 3y = -10 और— x - 2y = 10 दूसरे समीकरण में से पहला समीकरण घटाएँ— (x - 2y) - (x - 3y) = 10 - (-10) y = 20
अब— x - 2y = 10 में y = 20 रखने पर— x - 2(20) = 10 x - 40 = 10 अतः— x = 50
जाँच :

पाँच वर्ष पूर्व—
मेरी आयु = 50 - 5 = 45 वर्ष
पुत्र की आयु = 20 - 5 = 15 वर्ष

और— 45 = 3 × 15 इसलिए पहली शर्त सही है।

दस वर्ष पश्चात—
मेरी आयु = 50 + 10 = 60 वर्ष
पुत्र की आयु = 20 + 10 = 30 वर्ष

और— 60 = 2 × 30 इसलिए दूसरी शर्त भी सही है।
अतः वर्तमान आयु—

मेरी आयु = 50 वर्ष

पुत्र की आयु = 20 वर्ष
“जिस व्यक्ति में धैर्य है, वह जो चाहे वह प्राप्त कर सकता है।”
— Swami Vivekananda
Gurukul School अपने विद्यार्थियों से निरंतर प्रयास की अपेक्षा करता है।
Question 5
यदि x = 2 तथा y = 4 हो, तो समीकरण 7x − 4y = p में p का मान ज्ञात कीजिए।
SHOW ANSWER
दिया है :

x = 2
y = 4 तथा समीकरण— 7x − 4y = p
चरण 1 : समीकरण में x और y के मान रखें।

p = 7(2) − 4(4)

अब गुणा करें— p = 14 − 16
चरण 2 : घटाएँ।

p = −2
अतः—

p = −2
“उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।”
— Swami Vivekananda
✨ Great Job! ऐसे ही आगे बढ़ते रहिए — Gurukul।
Question 6
k के किस मान के लिए समीकरण निकाय

kx − 5y = 2
और
6x + 2y = 7

का—
(i) अद्वितीय हल होगा?
(ii) कोई हल नहीं होगा?
SHOW ANSWER
दिए गए समीकरण :

kx − 5y = 2
6x + 2y = 7 इन्हें सामान्य रूप में लिखें— kx − 5y − 2 = 0
तथा— 6x + 2y − 7 = 0
यहाँ—

a₁ = k
b₁ = −5
c₁ = −2

तथा— a₂ = 6
b₂ = 2
c₂ = −7
(i) अद्वितीय हल के लिए :

दो रैखिक समीकरणों के युग्म का अद्वितीय हल तब होता है जब— a₁/a₂ ≠ b₁/b₂ इसलिए— k/6 ≠ −5/2 क्रॉस गुणा करने पर— 2k ≠ −30 अतः— k ≠ −15
अतः k ≠ −15 होने पर अद्वितीय हल होगा।
(ii) कोई हल नहीं होने के लिए :

कोई हल नहीं होने की स्थिति में— a₁/a₂ = b₁/b₂ ≠ c₁/c₂ पहले— k/6 = −5/2 इसलिए— 2k = −30 अतः— k = −15
अब जाँच करें— c₁/c₂ = (−2)/(−7) = 2/7 जबकि— a₁/a₂ = −15/6 = −5/2 इसलिए— −5/2 ≠ 2/7 अतः कोई हल नहीं होगा।
अतः k = −15 होने पर कोई हल नहीं होगा।
अंतिम उत्तर :

(i) अद्वितीय हल के लिए— k ≠ −15

(ii) कोई हल नहीं होने के लिए— k = −15
“सफलता उन्हीं को मिलती है जो लगातार प्रयास करते रहते हैं।”
— Dr. A. P. J. Abdul Kalam
🚀 You Can Do It! प्रयास करते रहिए — Gurukul Vidyalay।
Chapter 3 : Quadratic Equation in One Variable 2 Questions
Question 7
3x² + 2x + 7 = 0 के मूलों का योगफल एवं गुणनफल ज्ञात कीजिए।
SHOW ANSWER
दिया है :

द्विघात समीकरण— 3x² + 2x + 7 = 0
द्विघात समीकरण का सामान्य रूप— ax² + bx + c = 0 से तुलना करने पर—

a = 3
b = 2
c = 7
चरण 1 : मूलों का योगफल

हम जानते हैं— α + β = −b/a मान रखने पर— α + β = −2/3
चरण 2 : मूलों का गुणनफल

हम जानते हैं— αβ = c/a मान रखने पर— αβ = 7/3
अतः उत्तर :

मूलों का योगफल— −2/3

मूलों का गुणनफल— 7/3
“महान सपने देखने वालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं।”
— Dr. A. P. J. Abdul Kalam
📚 Gurukul Institute की सीख — Keep Learning! रोज कुछ नया सीखिए।
Question 8
निम्नलिखित द्विघात समीकरण के मूलों का योगफल व गुणनफल ज्ञात कीजिए—

(i) 3x² + 7x + 1 = 0
SHOW ANSWER
दिया है :

3x² + 7x + 1 = 0
द्विघात समीकरण का सामान्य रूप— ax² + bx + c = 0 से तुलना करने पर—

a = 3
b = 7
c = 1
चरण 1 : मूलों का योगफल

सूत्र— α + β = −b/a इसलिए— α + β = −7/3
चरण 2 : मूलों का गुणनफल

सूत्र— αβ = c/a इसलिए— αβ = 1/3
अतः उत्तर :

मूलों का योगफल— −7/3

मूलों का गुणनफल— 1/3
“सफलता का कोई रहस्य नहीं है। यह तैयारी, कड़ी मेहनत और असफलता से सीखने का परिणाम है।”
— Colin Powell
🧠 Think Smart! समझकर पढ़िए — Gurukul School आपके साथ है।
Chapter 4 : Arithmetic Progression 5 Questions
Question 9
समांतर श्रेणी 4, 7, 10, 13, … का दसवाँ पद ज्ञात कीजिए।
SHOW ANSWER
दिया है :

समांतर श्रेणी— 4, 7, 10, 13, …

पहला पद— a = 4

सार्व अंतर— d = 7 − 4 = 3 तथा— n = 10
चरण 1 : nवें पद का सूत्र लिखें।

aₙ = a + (n − 1)d
चरण 2 : मान रखें।

a₁₀ = 4 + (10 − 1) × 3 = 4 + 9 × 3 = 4 + 27 = 31
अतः समांतर श्रेणी का दसवाँ पद = 31
“सफलता की पहली सीढ़ी है—अपने लक्ष्य पर विश्वास रखना।”
— Dr. A. P. J. Abdul Kalam
Gurukul School प्रस्तुत करता है।
Question 10
√2 + 1 और √2 − 1 का समान्तर माध्य ज्ञात कीजिए।
SHOW ANSWER
दिया है :

पहली संख्या— √2 + 1

दूसरी संख्या— √2 − 1
चरण 1 : समान्तर माध्य का सूत्र।

दो संख्याओं a और b का समान्तर माध्य— समान्तर माध्य = (a + b) / 2
चरण 2 : दिए गए मान रखें।

समान्तर माध्य = [(√2 + 1) + (√2 − 1)] / 2
कोष्ठक खोलने पर— = (√2 + 1 + √2 − 1) / 2 = 2√2 / 2 = √2
अतः समान्तर माध्य = √2
“जिस दिशा में आपका विश्वास होता है, उसी दिशा में आपकी मेहनत आपको आगे ले जाती है।”
— Swami Vivekananda
🔥 Never Give Up! हार मत मानिए — यही Gurukul का संदेश है।
Question 11
समांतर श्रेणी 5, 1, −3, … के 17 पदों का योगफल ज्ञात कीजिए।
SHOW ANSWER
दिया है :

पहला पद— a = 5

सार्व अंतर— d = 1 − 5 = −4

पदों की संख्या— n = 17
चरण 1 : n पदों के योग का सूत्र।

Sₙ = n/2 [2a + (n − 1)d]
चरण 2 : मान रखें।

S₁₇ = 17/2 [2(5) + (17 − 1)(−4)] = 17/2 [10 + 16(−4)] = 17/2 [10 − 64] = 17/2 × (−54) = −459
अतः 17 पदों का योगफल = −459
“उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।”
— Swami Vivekananda
🌈 Be Confident! खुद पर भरोसा रखिए — Gurukul Vidyalay।
Question 12
100 और 200 के बीच की विषम संख्याओं का योगफल ज्ञात कीजिए।
SHOW ANSWER
चरण 1 : पहली और अंतिम विषम संख्या पहचानें।

100 और 200 के बीच पहली विषम संख्या— a = 101

अंतिम विषम संख्या— l = 199

सार्व अंतर— d = 2
चरण 2 : पदों की संख्या ज्ञात करें।

सूत्र— l = a + (n − 1)d मान रखने पर— 199 = 101 + (n − 1)2 98 = 2(n − 1) 49 = n − 1 अतः— n = 50
चरण 3 : योगफल ज्ञात करें।

सूत्र— Sₙ = n/2 (a + l) इसलिए— S₅₀ = 50/2 (101 + 199) = 25 × 300 = 7500
अतः 100 और 200 के बीच की विषम संख्याओं का योगफल = 7500
“सपने वह नहीं जो हम सोते समय देखते हैं, सपने वह हैं जो हमें सोने नहीं देते।”
— Dr. A. P. J. Abdul Kalam
👏 Excellent! इसी जोश को बनाए रखिए — Gurukul School।
Question 13
(क) 1 और 100 के बीच सभी प्राकृतिक संख्याओं का योगफल ज्ञात कीजिए, जो 3 के गुणज हों।

(ख) 0 और 50 के बीच की विषम संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए।
SHOW ANSWER
(क) 3 के गुणजों का योग
चरण 1 : AP पहचानें।

1 और 100 के बीच 3 के गुणज हैं— 3, 6, 9, 12, …, 99 इसलिए— a = 3
d = 3
l = 99
चरण 2 : पदों की संख्या।

l = a + (n − 1)d 99 = 3 + (n − 1)3 96 = 3(n − 1) 32 = n − 1 अतः— n = 33
चरण 3 : योगफल।

Sₙ = n/2 (a + l) S₃₃ = 33/2 (3 + 99) = 33/2 × 102 = 33 × 51 = 1683
(क) 3 के गुणजों का योगफल = 1683
(ख) 0 और 50 के बीच विषम संख्याओं का योग
चरण 1 : पहली और अंतिम विषम संख्या।

0 और 50 के बीच विषम संख्याएँ— 1, 3, 5, 7, …, 49 इसलिए— a = 1
d = 2
l = 49
चरण 2 : पदों की संख्या।

49 = 1 + (n − 1)2 48 = 2(n − 1) 24 = n − 1 अतः— n = 25
चरण 3 : योगफल।

Sₙ = n/2 (a + l) S₂₅ = 25/2 (1 + 49) = 25/2 × 50 = 25 × 25 = 625
(ख) विषम संख्याओं का योग = 625
“जिस लक्ष्य को पाने का संकल्प कर लिया जाए, उसे पाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।”
— Dr. A. P. J. Abdul Kalam
😊 Stay Positive! अच्छा सोचिए, आगे बढ़िए — Gurukul।
Chapter 5 : Ratio and Proportion 2 Questions
Question 14
(i) यदि (1 + x) : (3 + x) : (6 + x) हो, तो x का मान पता करें।

(ii) किसी काम को 25 व्यक्ति 6 घंटे प्रतिदिन करके 9 दिन में पूर्ण करते हैं तो बताइए 15 व्यक्ति 9 घंटे प्रतिदिन काम करके उस काम को कितने दिन में पूर्ण कर लेंगे?
SHOW ANSWER
(i) x का मान
प्रश्न में दिए गए अनुपात में— (1 + x) : (3 + x) : (6 + x) है।

समानुपाती पदों के बीच— (1 + x)/(3 + x) = (3 + x)/(6 + x)
चरण 1 : क्रॉस गुणा करें।

(1 + x)(6 + x) = (3 + x)²
दोनों पक्षों को विस्तार दें—

x² + 7x + 6 = x² + 6x + 9

7x + 6 = 6x + 9 x = 3
(i) अतः x = 3
(ii) कार्य और समय
दिया है :

पहले— व्यक्ति = 25
घंटे = 6
दिन = 9

दूसरे— व्यक्ति = 15
घंटे = 9
दिनों की संख्या = x
समान कार्य के लिए— व्यक्ति × घंटे × दिन = स्थिर इसलिए— 25 × 6 × 9 = 15 × 9 × x
1350 = 135x इसलिए— x = 10
(ii) अतः कार्य 10 दिन में पूर्ण होगा।
“महानता केवल ज्ञान में नहीं, बल्कि ज्ञान को सही दिशा में प्रयोग करने में है।”
— Dr. A. P. J. Abdul Kalam
✍️ Practice More! खूब अभ्यास कीजिए — Gurukul Institute।
Question 15
यदि a : b :: c : d हो, तो सिद्ध कीजिए कि—

(a² − c²) / (b² − d²) = ac / bd
SHOW ANSWER
दिया है :

a : b :: c : d अर्थात्— a/b = c/d
क्रॉस गुणा करने पर— ad = bc
अब सिद्ध करना है— (a² − c²)/(b² − d²) = ac/bd
चूँकि— a/b = c/d इसलिए— a = bc/d अथवा— c = ad/b
अब बाएँ पक्ष को लें— (a² − c²)/(b² − d²) अंश और हर को गुणनखंडित करें— = [(a − c)(a + c)] / [(b − d)(b + d)]
दिए गए अनुपात से— a/b = c/d अतः— ad = bc इससे— a/c = b/d इसलिए— a = bc/d
अब सीधे अनुपात के वर्ग के नियम से— a²/b² = c²/d² अतः— a²d² = b²c²
दिए गए अनुपात को— a/b = c/d = k मान लें। तब— a = kb और— c = kd
इसलिए— a² − c² = k²b² − k²d² = k²(b² − d²) अतः— (a² − c²)/(b² − d²) = k²
दूसरी ओर— ac/bd = (kb)(kd)/(bd) = k²
दोनों पक्षों का मान k² है।

अतः— (a² − c²)/(b² − d²) = ac/bd

अतः सिद्ध हुआ।
“लगातार प्रयास करते रहना ही सफलता की सबसे मजबूत नींव है।”
— Dr. A. P. J. Abdul Kalam
🌟 Dream Big! अपने सपनों पर विश्वास रखिए — Gurukul School।
Chapter 6 : Coordinate Geometry 3 Questions
Question 16
बिंदुओं P(2, −3) और Q(5, −7) के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।
SHOW ANSWER
दिया है :

P(x₁, y₁) = (2, −3)
Q(x₂, y₂) = (5, −7)
चरण 1 : दूरी का सूत्र।

दो बिंदुओं P(x₁, y₁) और Q(x₂, y₂) के बीच दूरी— PQ = √[(x₂ − x₁)² + (y₂ − y₁)²]
चरण 2 : मान रखें।

PQ = √[(5 − 2)² + {−7 − (−3)}²] = √[3² + (−4)²] = √(9 + 16) = √25 = 5
अतः P और Q के बीच की दूरी = 5 इकाई।
“सफलता मेहनत, धैर्य और निरंतर सीखने से मिलती है।”
— Dr. A. P. J. Abdul Kalam
📈 Keep Improving! हर दिन बेहतर बनिए — Gurukul Vidyalay।
Question 17
बिंदु (3, 4) की मूल बिंदु से दूरी ज्ञात कीजिए।
SHOW ANSWER
दिया है :

बिंदु— P(3, 4) तथा मूल बिंदु— O(0, 0)
चरण 1 : मूल बिंदु से दूरी का सूत्र।

किसी बिंदु P(x, y) की मूल बिंदु O(0, 0) से दूरी— OP = √(x² + y²)
चरण 2 : मान रखें।

OP = √(3² + 4²) = √(9 + 16) = √25 = 5
अतः मूल बिंदु से दूरी = 5 इकाई।
“जिस लक्ष्य को पाने की ठान ली जाए, उसके लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।”
— Dr. A. P. J. Abdul Kalam
🏆 You Are Doing Great! मेहनत जारी रखिए — Gurukul।
Question 18
एक रेखा बिंदु (3, 7) व (6, 8) से होकर जाती है तो उस रेखा की प्रवणता ज्ञात कीजिए।
SHOW ANSWER
दिया है :

पहला बिंदु— (x₁, y₁) = (3, 7)

दूसरा बिंदु— (x₂, y₂) = (6, 8)
चरण 1 : प्रवणता का सूत्र।

दो बिंदुओं (x₁, y₁) और (x₂, y₂) से गुजरने वाली रेखा की प्रवणता— m = (y₂ − y₁)/(x₂ − x₁)
चरण 2 : मान रखें।

m = (8 − 7)/(6 − 3) = 1/3
अतः रेखा की प्रवणता = 1/3
“छोटे-छोटे कदम ही बड़े लक्ष्य तक पहुँचने का रास्ता बनाते हैं।”
— Swami Vivekananda
😊 Learn with Joy! खुशी से पढ़िए — Gurukul School आपके साथ है।
Chapter 7 : Graph 1 Question
Question 19
मूलधन 300 रुपये पर 5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से 1, 2, 3, 4 व 5 वर्ष के लिए साधारण ब्याज निम्न सारणी में प्रदर्शित है।

समय (वर्ष में) : 0, 1, 2, 3, 4, 5
साधारण ब्याज (रुपये में) : 0, 15, 30, 45, 60, 75

समय व साधारण ब्याज के बीच आलेख खींचिए।
SHOW ANSWER
दिया है :

समय (वर्ष में)— 0, 1, 2, 3, 4, 5

साधारण ब्याज (रुपये में)— 0, 15, 30, 45, 60, 75
चरण 1 : अक्षों का निर्धारण करें।

क्षैतिज अक्ष अर्थात् X-अक्ष पर समय (वर्ष) लिया जाएगा।

ऊर्ध्वाधर अक्ष अर्थात् Y-अक्ष पर साधारण ब्याज (रुपये) लिया जाएगा।
चरण 2 : आलेख के बिंदु लिखें।

दिए गए आँकड़ों से बिंदु होंगे—

(0, 0)
(1, 15)
(2, 30)
(3, 45)
(4, 60)
(5, 75)
चरण 3 : उचित मापनी चुनें।

X-अक्ष पर— 1 इकाई = 1 वर्ष

Y-अक्ष पर— 1 इकाई = 15 रुपये जैसी सुविधाजनक मापनी ली जा सकती है।
चरण 4 : बिंदु अंकित करें।

निर्देशांक तल पर ऊपर दिए गए सभी बिंदुओं को क्रम से अंकित करें।

सभी बिंदु एक ही सीधी रेखा पर स्थित होंगे।
चरण 5 : आलेख पूरा करें।

अंकित बिंदुओं को एक सीधी रेखा से मिलाएँ।

प्राप्त रेखा ही समय और साधारण ब्याज के बीच आवश्यक आलेख है।
अतः आवश्यक आलेख के बिंदु हैं :

(0,0), (1,15), (2,30), (3,45), (4,60), (5,75)

इन बिंदुओं को मिलाने पर आवश्यक समय–साधारण ब्याज आलेख प्राप्त होगा।
आलेख बनाते समय ध्यान रखें :

X-अक्ष पर समय और Y-अक्ष पर साधारण ब्याज अवश्य दर्शाएँ तथा दोनों अक्षों पर मापनी लिखें।
“जो सीखना बंद कर देता है, वह आगे बढ़ना भी बंद कर देता है।”
— Albert Einstein
💡 Stay Strong! मुश्किलों से मत डरिए — Gurukul Institute।
Chapter 8 : Banking and Taxation 1 Question
Question 20
(i) करीम भारतीय स्टेट बैंक में 150 रुपये प्रतिमाह की दर से 2 वर्ष तक आवर्ती जमा खाता में निवेश करता है। यदि ब्याज की दर 5% वार्षिक हो तो उसे 2 वर्ष बाद कितनी धनराशि बैंक द्वारा भुगतान की जाएगी?

अथवा

(ii) वित्तीय वर्ष 2013–14 में एक शासकीय कर्मचारी की कुल वार्षिक आय 3,60,000 रुपये थी। उसने 20,000 रुपये जीवन बीमा पॉलिसी का वार्षिक प्रीमियम तथा 4,000 रुपये प्रति माह सामान्य भविष्य निधि में जमा किया। देय आयकर की गणना कीजिए।

यदि आयकर गणना के पूर्व सामान्य भविष्य निधि एवं जीवन बीमा आदि में निवेशित राशि का अधिकतम 1,00,000 रुपये कर-मुक्त हो।

आयकर की दरें निम्नानुसार हैं—

क्रमांक 1 — 2,00,000 रुपये तक — कोई आयकर नहीं।
क्रमांक 2 — 2,00,001 रुपये से 5,00,000 रुपये तक — 10%।
क्रमांक 3 — 5,00,001 रुपये से 10,00,000 रुपये तक — 20%।
शिक्षा उपकर देय आयकर का 3% है।
SHOW ANSWER
(i) आवर्ती जमा खाता
दिया है :

मासिक जमा— P = 150 रुपये

अवधि— 2 वर्ष = 24 माह

ब्याज दर— r = 5%
आवर्ती जमा पर ब्याज का सूत्र— I = P × n(n + 1) × r / 2400
मान रखने पर— I = 150 × 24 × 25 × 5 / 2400 I = 187.50 रुपये
कुल जमा राशि— 150 × 24 = 3600 रुपये अतः परिपक्व राशि— 3600 + 187.50 = 3787.50 रुपये
(i) अतः बैंक द्वारा भुगतान की जाने वाली राशि = 3787.50 रुपये।
(ii) आयकर की गणना
चरण 1 : कुल वार्षिक आय।

कुल आय = 3,60,000 रुपये
चरण 2 : निवेशित राशि।

जीवन बीमा प्रीमियम— 20,000 रुपये

सामान्य भविष्य निधि— 4,000 × 12 = 48,000 रुपये

कुल निवेश— 20,000 + 48,000 = 68,000 रुपये
अधिकतम कर-मुक्त निवेश की सीमा 1,00,000 रुपये है।

वास्तविक निवेश— 68,000 रुपये है। इसलिए पूरी 68,000 रुपये की राशि कर-मुक्त मानी जाएगी।
कर योग्य आय— 3,60,000 − 68,000 = 2,92,000 रुपये
पहली 2,00,000 रुपये आय पर कोई कर नहीं है।

शेष आय— 2,92,000 − 2,00,000 = 92,000 रुपये
चरण 3 : आयकर।

92,000 रुपये पर 10% कर लगेगा।

आयकर = 92,000 × 10/100 = 9,200 रुपये
चरण 4 : शिक्षा उपकर।

शिक्षा उपकर = देय आयकर का 3%।

उपकर = 9,200 × 3/100 = 276 रुपये
कुल देय राशि— 9,200 + 276 = 9,476 रुपये
(ii) अतः कुल देय आयकर सहित शिक्षा उपकर = 9,476 रुपये।
परीक्षा में ध्यान रखें :

प्रश्न में दिए गए कर-मुक्त निवेश की सीमा, आयकर की दर और शिक्षा उपकर की दर को ध्यानपूर्वक पढ़कर ही गणना करें।
“शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है जिसका उपयोग आप दुनिया को बदलने के लिए कर सकते हैं।”
— Nelson Mandela
🧮 Smart Work! समझदारी से तैयारी कीजिए — Gurukul।
Chapter 9 : Trigonometric Equations and Identities 2 Questions
Question 21
(i) निम्नलिखित त्रिकोणमितीय समीकरण के हल ज्ञात कीजिए जहाँ 0° ≤ θ ≤ 90°—

cos θ / (cosec θ + 1) + cos θ / (cosec θ − 1) = 2

(ii) सिद्ध कीजिए कि—

sin(90° − θ) sec θ + cos(90° − θ) cosec θ = 2
SHOW ANSWER
(i) त्रिकोणमितीय समीकरण
दिया है— cos θ / (cosec θ + 1) + cos θ / (cosec θ − 1) = 2
क्योंकि— cosec θ = 1 / sin θ इसलिए— cos θ / (1/sin θ + 1) + cos θ / (1/sin θ − 1) = 2
दोनों हरों को सरल करें—

1/sin θ + 1 = (1 + sin θ)/sin θ
तथा— 1/sin θ − 1 = (1 − sin θ)/sin θ
अतः— cos θ × sin θ/(1 + sin θ) + cos θ × sin θ/(1 − sin θ) = 2 अर्थात्— sin θ cos θ [ 1/(1 + sin θ) + 1/(1 − sin θ) ] = 2
अब— 1/(1 + sin θ) + 1/(1 − sin θ)

= [(1 − sin θ) + (1 + sin θ)] / [(1 + sin θ)(1 − sin θ)] = 2/(1 − sin² θ) और— 1 − sin² θ = cos² θ इसलिए— = 2/cos² θ
अब— sin θ cos θ × 2/cos² θ = 2 इसलिए— 2 sin θ/cos θ = 2 अर्थात्— tan θ = 1
चूँकि— 0° ≤ θ ≤ 90° और— tan 45° = 1 अतः— θ = 45°
अतः (i) का हल है— θ = 45°
(ii) सर्वसमिका सिद्ध करना
सिद्ध करना है— sin(90° − θ) sec θ + cos(90° − θ) cosec θ = 2
पूरक कोणों के नियम से— sin(90° − θ) = cos θ तथा— cos(90° − θ) = sin θ इसलिए बायाँ पक्ष— cos θ sec θ + sin θ cosec θ
अब— sec θ = 1/cos θ तथा— cosec θ = 1/sin θ अतः— cos θ × 1/cos θ + sin θ × 1/sin θ
= 1 + 1 = 2
अतः सिद्ध हुआ कि—

sin(90° − θ) sec θ + cos(90° − θ) cosec θ = 2
“सफलता उन्हीं को मिलती है जो सीखते रहने का साहस रखते हैं।”
— Dr. A. P. J. Abdul Kalam
🚶 Keep Moving! लगातार आगे बढ़िए — Gurukul Vidyalay की प्रेरणा।
Question 22
मान ज्ञात कीजिए—

4 tan 70° × tan 20°
SHOW ANSWER
दिया है— 4 tan 70° × tan 20°
हम जानते हैं— tan(90° − θ) = cot θ इसलिए— tan 70° = tan(90° − 20°) = cot 20°
अतः— 4 tan 70° × tan 20° = 4 cot 20° × tan 20°
क्योंकि— cot θ × tan θ = 1 इसलिए— 4 × 1 = 4
अतः उत्तर = 4
“हर कठिन प्रश्न आपको पहले से अधिक मजबूत बनाता है।”
— Swami Vivekananda
❤️ Your Effort Matters! आपकी मेहनत जरूरी है — Gurukul School।
Chapter 10 : Heights and Distances — Applications of Trigonometry 1 Question
Question 23
तेज हवा से टूटे एक पेड़ का सिरा झुक कर पेड़ के पाद से 6 मीटर की दूरी पर जमीन को छूता है। यह हिस्सा जमीन से 60° का कोण बनाता है। पेड़ की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
SHOW ANSWER
दिया है :

पेड़ के पाद से टूटे हुए सिरे के जमीन पर छूने के स्थान की दूरी— 6 मीटर

टूटे हुए हिस्से का जमीन से कोण— 60°
मान लेते हैं कि पेड़ की बची हुई ऊँचाई h मीटर है।

टूटे हुए हिस्से की लंबाई को l मानें।

अब बने हुए समकोण त्रिभुज में— cos 60° = 6/l
हम जानते हैं— cos 60° = 1/2 इसलिए— 1/2 = 6/l अतः— l = 12 मीटर
अब टूटे हुए हिस्से की ऊर्ध्वाधर ऊँचाई ज्ञात करें।

h = l sin 60° और— sin 60° = √3/2 इसलिए— h = 12 × √3/2 h = 6√3 मीटर
अतः पेड़ की पूरी ऊँचाई— H = 6 + 6√3 मीटर।
अतः पेड़ की ऊँचाई = 6 + 6√3 मीटर

लगभग— 16.39 मीटर
“उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।”
— Swami Vivekananda
🔍 Stay Curious! हर सवाल को समझिए — Gurukul Institute कहता है।
Chapter 11 : Similarity in Geometrical Figures 2 Questions
Question 24
यदि दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफल का अनुपात 25 : 9 है, तो उनके संगत भुजाओं का अनुपात क्या होगा?
SHOW ANSWER
दिया है :

दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफल का अनुपात— 25 : 9
समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के अनुपात के वर्ग के बराबर होता है।

अतः— क्षेत्रफलों का अनुपात = (संगत भुजाओं का अनुपात)²
इसलिए— (संगत भुजाओं का अनुपात)² = 25/9 दोनों पक्षों का वर्गमूल लेने पर— संगत भुजाओं का अनुपात = √(25/9) = 5/3
अतः संगत भुजाओं का अनुपात = 5 : 3
Question 25
सिद्ध कीजिए कि एक समकोण त्रिभुज में कर्ण का वर्ग शेष दो भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर होता है (पाइथागोरस प्रमेय)।
SHOW ANSWER
दिया है :

ΔABC एक समकोण त्रिभुज है और— ∠B = 90° अतः AC कर्ण है।
सिद्ध करना है :

AC² = AB² + BC²
रचना :

B से AC पर एक लम्ब— BD ⟂ AC खींचिए।
अब ΔABD और ΔABC में—

∠ADB = ∠ABC = 90° तथा— ∠A = ∠A अतः— ΔABD ∼ ΔABC
समरूप त्रिभुजों से— AB/AC = AD/AB इसलिए— AB² = AD × AC
इसी प्रकार ΔCBD और ΔABC समरूप हैं।

अतः— BC/AC = DC/BC इसलिए— BC² = DC × AC
दोनों समीकरणों को जोड़ने पर— AB² + BC² = AD × AC + DC × AC = AC(AD + DC) लेकिन— AD + DC = AC इसलिए— AB² + BC² = AC × AC अर्थात्— AB² + BC² = AC²
अतः सिद्ध हुआ कि समकोण त्रिभुज में कर्ण का वर्ग शेष दो भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर होता है।

AC² = AB² + BC²
Chapter 12 : Circles and Tangents 2 Questions
Question 26
प्रमेय–10 : चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योगफल 180° होता है।
SHOW ANSWER
दिया है :

ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है।

अतः इसके सभी शीर्ष एक ही वृत्त पर स्थित हैं।
सिद्ध करना है :

∠A + ∠C = 180° तथा— ∠B + ∠D = 180°
हम जानते हैं कि वृत्त में किसी चाप द्वारा केंद्र पर बनाया गया कोण उसी चाप द्वारा वृत्त की परिधि पर बनाए गए कोण का दोगुना होता है।

चूँकि ∠A और ∠C चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोण हैं, इसलिए उनके द्वारा बनाए गए दोनों चापों का योग पूरे वृत्त के बराबर होगा।
पूरे वृत्त का कोण— 360° अतः सम्मुख कोणों का योग— ∠A + ∠C = 1/2 × 360° = 180°
इसी प्रकार— ∠B + ∠D = 180°
अतः सिद्ध हुआ कि चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योगफल 180° होता है।

∠A + ∠C = 180°
∠B + ∠D = 180°
“महान सपनों को पूरा करने के लिए महान प्रयास आवश्यक हैं।”
— Dr. A. P. J. Abdul Kalam
🌱 Make Progress! रोज थोड़ा आगे बढ़िए — Gurukul।
Question 27
सिद्ध कीजिए कि बाह्य बिन्दु से वृत्त पर खींची गई स्पर्श रेखाओं की लंबाइयां बराबर होती हैं।
SHOW ANSWER
दिया है :

किसी वृत्त के बाह्य बिन्दु P से वृत्त पर PA और PB दो स्पर्श रेखाएँ खींची गई हैं।

O वृत्त का केंद्र है।
सिद्ध करना है :

PA = PB
OA और OB को मिलाइए।

क्योंकि स्पर्श बिन्दु पर खींची गई त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लम्ब होती है—

OA ⟂ PA तथा— OB ⟂ PB अतः— ∠OAP = ∠OBP = 90°
अब समकोण त्रिभुज OAP और OBP में—

OA = OB क्योंकि दोनों वृत्त की त्रिज्याएँ हैं।

OP = OP क्योंकि OP दोनों त्रिभुजों की उभयनिष्ठ भुजा है।
अतः समकोण त्रिभुज OAP और OBP में कर्ण तथा एक भुजा बराबर हैं।

इसलिए— ΔOAP ≅ ΔOBP

RHS सर्वांगसमता नियम से।
सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ बराबर होती हैं। अतः— PA = PB
अतः सिद्ध हुआ कि बाह्य बिन्दु से वृत्त पर खींची गई दोनों स्पर्श रेखाओं की लंबाइयाँ बराबर होती हैं।

PA = PB
“जिस दिशा में आपके विचार जाते हैं, उसी दिशा में आपका जीवन आगे बढ़ता है।”
— Swami Vivekananda
Gurukul School प्रस्तुत करता है।
Chapter 13 : Geometrical Constructions 2 Questions
Question 28
(i) त्रिभुज ABC के समरूप एक त्रिभुज की रचना कीजिए जिसकी संगत भुजाओं के अनुपात 5 : 3 हों। रचना के चरण भी लिखिए।

(ii) एक त्रिभुज PQR बनाइए जिसमें QR = 6 सेमी., PQ = 5 सेमी. और ∠PQR = 60° हो। इस त्रिभुज के समरूप एक त्रिभुज ABC बनाइए, जिसमें AB = 2/5 PQ हो।
SHOW ANSWER
(i) 5 : 3 के अनुपात में समरूप त्रिभुज की रचना
रचना के चरण :

1. दिए गए त्रिभुज ABC की भुजा AB को आधार मानें।

2. A से एक सहायक किरण AX खींचिए, जो AB से सुविधाजनक कोण बनाए।

3. किरण AX पर समान दूरी पर 5 बराबर भाग अंकित कीजिए।

बिन्दुओं को क्रमशः— A₁, A₂, A₃, A₄, A₅ मानें।
4. A₃ को B से मिलाइए।

5. A₅ से A₃B के समानांतर रेखा खींचिए, जो AB की बढ़ी हुई रेखा को B′ पर काटे।

6. B′ से BC के समानांतर रेखा खींचिए, जो AC की बढ़ी हुई रेखा को C′ पर काटे।
इस प्रकार प्राप्त त्रिभुज— AB′C′ दिए गए त्रिभुज ABC के समरूप होगा।

इसकी संगत भुजाओं का अनुपात— 5 : 3 होगा।
अतः आवश्यक समरूप त्रिभुज की रचना पूर्ण हुई।
(ii) 2/5 के अनुपात में समरूप त्रिभुज
दिया है :

QR = 6 सेमी.
PQ = 5 सेमी.
∠PQR = 60°

आवश्यक त्रिभुज में— AB = 2/5 PQ
पहले त्रिभुज PQR की रचना :

1. QR = 6 सेमी. की रेखाखंड खींचिए।

2. Q पर 60° का कोण बनाते हुए एक किरण QX खींचिए।

3. QX पर Q से 5 सेमी. की दूरी पर P बिन्दु अंकित कीजिए।

4. P और R को मिलाइए।
अब— AB/PQ = 2/5 है।

अतः मूल त्रिभुज से छोटा समरूप त्रिभुज बनाना है।
रचना :

1. P से एक सहायक किरण PX खींचिए।

2. PX पर 5 बराबर भाग अंकित कीजिए।

3. पाँचवें बिन्दु को Q से मिलाइए।

4. दूसरे बिन्दु से PQ के समानांतर रेखा खींचिए।

यह रेखा QR को आवश्यक बिन्दु पर काटेगी।

इसी प्रकार आवश्यक समानांतर रेखाएँ खींचकर नया त्रिभुज प्राप्त करें।
अतः प्राप्त त्रिभुज PQR के समरूप होगा और उसकी संगत भुजाएँ 2 : 5 के अनुपात में होंगी।
“ज्ञान को केवल याद मत करो, उसे समझो और अपने जीवन में उतारो।”
— Albert Einstein
Gurukul School अपने विद्यार्थियों से निरंतर सीखने की अपेक्षा करता है।
Question 29
त्रिभुज ABC के परिगत वृत्त (परिवृत्त) की रचना कीजिए, जिसमें AB = 8 सेमी., BC = 5 सेमी. और ∠ABC = 60° है। रचना के पद भी लिखिए।
SHOW ANSWER
दिया है :

AB = 8 सेमी.
BC = 5 सेमी.
∠ABC = 60°
रचना के चरण :

1. AB = 8 सेमी. का रेखाखंड खींचिए।

2. B पर 60° का कोण बनाते हुए एक किरण BX खींचिए।

3. किरण BX पर B से 5 सेमी. की दूरी पर C बिन्दु अंकित कीजिए।

4. A और C को मिलाइए।
अब त्रिभुज ABC प्राप्त हुआ।

5. AB का लम्ब समद्विभाजक खींचिए।

6. BC का लम्ब समद्विभाजक भी खींचिए।

दोनों लम्ब समद्विभाजक जिस बिन्दु पर प्रतिच्छेद करें, उसे O मानें।
चूँकि O, AB तथा BC दोनों के लम्ब समद्विभाजकों पर स्थित है, इसलिए— OA = OB तथा— OB = OC अतः— OA = OB = OC
अब O को केंद्र मानकर OA त्रिज्या का वृत्त खींचिए।

यह वृत्त A, B तथा C तीनों बिन्दुओं से होकर जाएगा।
अतः ABC का आवश्यक परिगत वृत्त सफलतापूर्वक प्राप्त हुआ।
Chapter 14 : Verification of Mathematical Statements 1 Question
Question 30
सिद्ध कीजिए कि 4m + 9 एक विषम पूर्णांक है, जहाँ m एक पूर्णांक है।
SHOW ANSWER
दिया है :

m एक पूर्णांक है।

सिद्ध करना है :

4m + 9 एक विषम पूर्णांक है।
चूँकि m एक पूर्णांक है, इसलिए 2m भी एक पूर्णांक होगा।

अब— 4m + 9 = 4m + 8 + 1 = 2(2m + 4) + 1
मान लें— k = 2m + 4 चूँकि m एक पूर्णांक है, इसलिए k भी एक पूर्णांक है।

अतः— 4m + 9 = 2k + 1
हम जानते हैं कि 2k + 1 के रूप वाली संख्या विषम पूर्णांक होती है।

इसलिए 4m + 9 एक विषम पूर्णांक है।
अतः सिद्ध हुआ कि 4m + 9 एक विषम पूर्णांक है।
“सफलता का रहस्य निरंतर प्रयास में छिपा है।”
— Dr. A. P. J. Abdul Kalam
🧩 Be a Problem Solver! हर सवाल को Challenge मानिए — Gurukul School।
Chapter 15 : Surface Area and Volume of Solids 2 Questions
Question 31
एक शंकु का व्यास 12 सेमी. और ऊँचाई 8 सेमी. है। शंकु का वक्रपृष्ठ और आयतन ज्ञात कीजिए।
SHOW ANSWER
दिया है :

शंकु का व्यास— d = 12 सेमी.

शंकु की ऊँचाई— h = 8 सेमी.
चरण 1 : त्रिज्या ज्ञात करें।

r = d/2 r = 12/2 = 6 सेमी.
चरण 2 : तिर्यक ऊँचाई ज्ञात करें।

शंकु के लिए— l = √(r² + h²) = √(6² + 8²) = √(36 + 64) = √100 l = 10 सेमी.
चरण 3 : वक्रपृष्ठ ज्ञात करें।

सूत्र— CSA = πrl अतः— CSA = π × 6 × 10 = 60π वर्ग सेमी. π = 22/7 लेने पर— = 60 × 22/7 = 1320/7 ≈ 188.57 वर्ग सेमी.
चरण 4 : आयतन ज्ञात करें।

सूत्र— V = 1/3 πr²h अतः— V = 1/3 × π × 6² × 8 = 96π घन सेमी. π = 22/7 लेने पर— V = 96 × 22/7 = 2112/7 ≈ 301.71 घन सेमी.
अतः उत्तर :

वक्रपृष्ठ = 60π वर्ग सेमी. ≈ 188.57 वर्ग सेमी.

आयतन = 96π घन सेमी. ≈ 301.71 घन सेमी.
Question 32
एक बेलन के आधार की परिधि 88 सेमी और ऊँचाई 10 सेमी है। बेलन का आयतन ज्ञात कीजिए।
SHOW ANSWER
दिया है :

आधार की परिधि— 2πr = 88 सेमी.

ऊँचाई— h = 10 सेमी.
चरण 1 : त्रिज्या ज्ञात करें।

π = 22/7 लेने पर— 2 × 22/7 × r = 88 44r/7 = 88 44r = 616 इसलिए— r = 14 सेमी.
चरण 2 : बेलन का आयतन।

सूत्र— V = πr²h मान रखने पर— V = 22/7 × 14² × 10 = 22/7 × 196 × 10 = 22 × 28 × 10 = 6160 घन सेमी.
अतः बेलन का आयतन = 6160 घन सेमी.
Chapter 16 : Analysis of Data 3 Questions
Question 33
(i) एक उच्चतर माध्यमिक शाला के छोटे-बड़े बच्चों के वजन के आँकड़े नीचे दिए गए हैं। इसका समान्तर माध्य ज्ञात करें।

वजन (किग्रा में) 30–40 40–50 50–60 60–70 70–80
बच्चों की संख्या 11 29 6 3 1


(ii) किसी परीक्षा में विद्यार्थियों के प्राप्तांक निम्नलिखित सारणी में दिए गए हैं। प्राप्तांकों की माध्यिका ज्ञात कीजिए। इस तालिका के आँकड़ों के आधार पर 3 निष्कर्ष लिखिए।

प्राप्तांक 0–10 10–20 20–30 30–40 40–50 50–60
विद्यार्थियों की संख्या 1 12 24 32 10 5
SHOW ANSWER
(i) समान्तर माध्य
चरण 1 : वर्ग-मध्य ज्ञात करें।

सूत्र— x = (निचली सीमा + ऊपरी सीमा) / 2

वर्ग f वर्ग-मध्य x
30–40 11 35
40–50 29 45
50–60 6 55
60–70 3 65
70–80 1 75
चरण 2 : fx ज्ञात करें।

वर्ग f x fx
30–40 11 35 385
40–50 29 45 1305
50–60 6 55 330
60–70 3 65 195
70–80 1 75 75
कुल आवृत्ति— Σf = 11 + 29 + 6 + 3 + 1 = 50

कुल fx— Σfx = 385 + 1305 + 330 + 195 + 75 Σfx = 2290
समान्तर माध्य का सूत्र— माध्य = Σfx / Σf

अतः— माध्य = 2290 / 50 = 45.8
अतः बच्चों के वजन का समान्तर माध्य = 45.8 किग्रा.
(ii) माध्यिका
चरण 1 : कुल आवृत्ति ज्ञात करें।

N = 1 + 12 + 24 + 32 + 10 + 5 N = 84 इसलिए— N/2 = 42
चरण 2 : संचयी आवृत्ति ज्ञात करें।

प्राप्तांक f cf
0–10 1 1
10–20 12 13
20–30 24 37
30–40 32 69
40–50 10 79
50–60 5 84

क्योंकि— N/2 = 42 और 42 से पहली बड़ी संचयी आवृत्ति 69 है,

इसलिए 30–40 माध्यिका वर्ग है।
चरण 3 : माध्यिका का सूत्र।

Median = l + [(N/2 − cf)/f] × h

यहाँ—
l = 30
N/2 = 42
cf = 37
f = 32
h = 10
अब मान रखने पर— Median = 30 + [(42 − 37)/32] × 10 = 30 + (5/32) × 10 = 30 + 50/32 = 30 + 25/16 = 31.5625
अतः प्राप्तांकों की माध्यिका = 31.5625 अंक।
तालिका से 3 महत्वपूर्ण निष्कर्ष
निष्कर्ष 1 : 30–40 अंक वाले वर्ग में सबसे अधिक 32 विद्यार्थी हैं।
निष्कर्ष 2 : 40 अंक से कम प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 69 है।
निष्कर्ष 3 : 50–60 अंक वाले वर्ग में केवल 5 विद्यार्थी हैं।
Question 34
निम्न सारणी का बहुलक ज्ञात कीजिए।

वर्गान्तर 0–10 10–20 20–30 30–40 40–50
आवृत्ति 4 10 16 12 8
SHOW ANSWER
चरण 1 : बहुलक वर्ग पहचानें।

आवृत्तियाँ हैं— 4, 10, 16, 12, 8

सबसे बड़ी आवृत्ति— 16 है।

अतः बहुलक वर्ग— 20–30 है।
बहुलक का सूत्र— Mode = l + [(f₁ − f₀)/(2f₁ − f₀ − f₂)] × h

यहाँ— l = 20 f₁ = 16 f₀ = 10 f₂ = 12 h = 10
अब सूत्र में मान रखें— Mode = 20 + [(16 − 10)/(2×16 − 10 − 12)] × 10 = 20 + [6/(32 − 22)] × 10 = 20 + (6/10) × 10 = 20 + 6 = 26
अतः बहुलक = 26
Question 35
निम्नलिखित अवर्गीकृत आँकड़ों की माध्यिका ज्ञात कीजिए—

25, 23, 45, 40, 42, 38, 32
SHOW ANSWER
चरण 1 : आँकड़ों को आरोही क्रम में लिखें।

दिए गए आँकड़े— 25, 23, 45, 40, 42, 38, 32

आरोही क्रम में— 23, 25, 32, 38, 40, 42, 45
चरण 2 : पदों की संख्या ज्ञात करें।

यहाँ कुल— n = 7 पद हैं।

n विषम है, इसलिए माध्यिका का पद— (n + 1)/2 = (7 + 1)/2 = 4
आरोही क्रम में 4th पद है— 38
अतः अवर्गीकृत आँकड़ों की माध्यिका = 38
 
 
Gurukul School

 
“हर छोटा प्रयास आपको सफलता के एक कदम और करीब ले जाता है।”
— Dr. A. P. J. Abdul Kalam
Gurukul School प्रस्तुत करता है।
Class 10 Mathematics — Questions 1 to 35 Complete

अब प्रश्न 1 से 35 तक सभी मुख्य प्रश्न, उनके समाधान तथा अंतिम अध्याय पूर्ण हैं।
Dr. Mini Dubey

Dr. Mini Dubey is a teacher and social worker who writes and publishes articles on various social and educational issues.

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